0

भगवत गीता एक श्लोक में – Bhagavad Gita in One Stanza

Ek Shloki Bhagavad

Reading or listening to Bhagavad Katha gets virtuous, knowledge grows and all sins are destroyed. In the busy life of the present time, hardly anyone has enough time to read it whole. But there is ‘One Stanza’ mantra that by reading, we get the reward of the whole Bhagavad. This mantra is called ”Ek Shloki Bhagavad”. This mantra is as follows:

एक श्लोकी भगवत गीता

भागवत पाठ करने व सुनने से पुण्य मिलता है, ज्ञान बढ़ता है और समस्त पापों का नाश होता है। वर्तमान समय के व्यस्त जीवन में और समय के अभाव में, सम्पूर्ण भागवत गीता पढ़ने का समय शायद ही किसी के पास हो। लेकिन एक ऐसा मंत्र  है जिसे पढ़ने से मनुष्य को संपूर्ण भागवत का फल मिलता है। इस मंत्र को ‘एक श्लोकी भागवत’  कहते हैं जो इस प्रकार है:

एक श्लोकी भगवत गीता

 Ek Shloki Bhagavad Gita

आदौं देवकी, देव गर्भ जननं, गोपी गृह वर्धनम् | Aadhou Devaki, Dev Garbha Jananam, Gopi Gruhe Vardhanam|
माया पूतन जीव ताप हरणं,  गोवर्धनोद्धारणम् || Maaya Poothan Jeevi Thaapa Haranam, Govardhanodharanam||
कंसछेदन, कौरवादी हननं, कुंती सुता पालनम् | Kansh Chedana, Kouravadi Hananam, Kunthi Sutha Paalnam |
एतद श्री मद्द भागवत पुराण, कथितं श्री कृष्ण लीला अमृतम्|| Etadh Shri Madd Bhaagawatha Purana Kathitam Sri Krishna Leelamrutham||

अर्थ:
रानी देवकी के घर पैदा हुए, गोपी (ग्वालिन), माता यशोदा के घर में पालन पोषण हुआ| राक्षसी पूतना का वध कर जीवों का ताप हरा, गोवर्धन पर्वत को धारण किया| अपने मामा कंस का वध किया, कौरवों का नाश किया तथा अपनी बुआ, कुंती के पुत्रों (पांडवों) का पालन पोषण किया| यह संक्षेप में भागवत की प्राचीन कहानी है जो भगवान कृष्ण के अमृत तुल्य नाटक का वर्णन करती है|

Meaning:

Born to queen Devaki, Brought up by the Gopis (Maa Yasodha). Took out the life of Ogress Poothana. Lifted the Govardhana mountain, beheaded his uncle Kansh, helped in killing the Kouravas, and looked after the children of Kunthi. This is in short the ancient story of Bhagawatha which describes the nectar like play of Lord Krishna.

Also read

http://firedeco.com/शान्ताकारं-भुजगशयनं-पद

admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *